×
हमारे बारे में

रिपोर्टर्स कॉरिडोर क्यों बना -

TRP का दबाव हो या रीडर्स की मांग, कई और वजहों से खबरों से छेड़छाड़ की जाती है। प्रत्येक अख़बार या चैनल की सम्पादकीय लाइन होती है और उसी लाइन के हिसाब से ख़बरों की प्रोसेसिंग की जाती है। मसालेदार या बिकाऊ ख़बरों के चक्कर में आपके शहर की ख़बरें, आपके हित की ख़बरें कहीं गुम हो जाती हैं।

पत्रकारिता के इस अविश्वास काल में रिपोर्टर्स कॉरिडोर आपके लिये लाता है बिना किसी लाग लपेट के, सिर्फ और सिर्फ ख़बरें। ना कोई एजेंडा, ना किसी का भय। ख़बरें बिना लाग लपेट।

क्या खास है -

आज के तेज रफ्तार ज़िंदगी में रेडियो कहीं पीछे छूट गया है। और साथ ही पीछे छूट गया है रेडियो पर ताज़ा ख़बर सुनने का रोमांच। रेडियो पर समाचार का वो ठहराव, गंभीरता और ख़बर को सुन कर खुद विश्लेषण करना एक अलग अनुभव देता था। अब जब रेडियो कही गुम हो गया है या FM के गानों तक सिमट कर रह गया है, रिपोर्टर्स कॉरिडोर एक बार फिर रेडियो पर न्यूज़ के उसी रोमांच को इंटरनेट के जरिये नए तरंग के साथ वापस ला रहा है, जहां मात्र एक क्लिक पर आप ताज़ा ख़बर के साथ सभी खबरें विस्तार से सुन सकते हैं।

1) न्यूज़ ऑन डिमांड -

आज आपको वही ख़बर पढ़ने या देखने को मिलती हैं जो आपको परोसी जाती हैं। रिपोर्टर्स कॉरिडोर आपको आपके डिमांड की ख़बरें बताता है, जो आप जानना चाहते हैं। न्यूज़ ऑन डिमांड के माध्यम से रिपोर्टर्स कॉरिडोर, देश के नागरिकों और देश के पत्रकारों को आपस में सीधे संवाद का मौका देता है।

2) फ़्लैश बैक-

रिपोर्टर्स कॉरिडोर के पास आपके लिए है एक अलग फीचर है, ख़बरों का फ़्लैश बैक। पिछले मौके पर किसी मामले में कब और क्या हुआ था, डिटेल स्टोरी एक ही पेज पर मिलती है। ख़बरों के हर एक पहलू से हम कराते हैं आपको रूबरू।

3) विशेष -

नई पीढ़ी का इतिहास बोध फेसबुक ज्ञान और व्हाट्सएप्प के अधूरे, तोड़ मरोड़कर परोसे गए ज्ञान के आसपास सिमट कर रह गया है। रिपोर्टर्स कॉरिडोर का प्रयास है नयी पीढ़ी को देश में हुए बड़े बदलाव, राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में तथ्यपरक जानकारी और विश्लेषण उपलब्ध कराना। 'RC विशेष' में इतिहास को पत्रकारों की नज़र से फिर से जीवित करने की कोशिश होगी।

हम कौन है -

रिपोर्टर्स कॉरिडोर देश भर से जुड़े पत्रकारों का एक समूह है जिनके लिए पत्रकारिता कोई पेशा नहीं, एक मिशन है। मिशन खबरों को बिना किसी पक्षपात, बिना पूर्वाग्रह के आपतक पहुँचाने की। हम ख़बरों की केवल समीक्षा नहीं करते बल्कि उनको जीते हैं। हम वो हैं जो ख़बर के सबसे नजदीक होते हैं, उसे महसूस करते हैं। यहाँ कोई संपादक नहीं होगा और ना होगी ख़बरों की 'एडिटिंग' ! ख़बरें जैसी की तैसी, रिपोर्टर्स की आँखों देखी।

यहाँ आप भी रिपोर्टर हैं

निष्पक्ष पत्रकारिता के रिपोर्टर्स कॉरिडोर के मिशन में आप भी जुड़ सकते हैं। अगर आपके पास भी कोई ख़बर है तो आप भी हमारे रिपोर्टर हो सकते हैं। आप किस पेशे में हैं, क्या काम करते हैं, इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता। क्योंकि हम मानते हैं कि केवल पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाला या किसी मीडिया संस्थान में काम करने वाला ही पत्रकार नहीं होता। पत्रकारिता एक जूनून है जो आपको अपने आसपास के घटनाओं, कमियों को उजागर करने के लिए बेचैन करती है।
स्वस्थ लोकतंत्र के लिए स्वतंत्र पत्रकार जरूरी है। रिपोर्टर्स कॉरिडोर स्वतंत्र पत्रकारिता का ऐसा ही एक प्लेटफॉर्म है।

और अंत में

'ना काहू से दोस्ती, ना काहू से बैर' ...ख़बर है तो हम लायेंगे।
ग्राउंड ज़ीरो से सीधे आपतक ।

ताज़ा खबर
मसूद अजहर पर मदद कर रहे हैं, इसलिए भारत ईरान से तेल आयात बंद करे : अमेरिका
सीजेआई गोगोई पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला के खिलाफ जांच
बुलंदशहर हिंसा: बजरंग दल के संयोजक ने पुलिस वाले की हत्या से पहले आरोपी को बुलाया था
बुलंदशहर हिंसा: बजरंग दल के संयोजक ने पुलिस वाले की हत्या से पहले आरोपी को बुलाया था
यौन उत्पीड़न मामले पर अरुण जेटली ने सीजेआई रंजन गोगोई का किया बचाव
श्रीलंका : बम विस्फोट में 160 से अधिक की मौत, पूरे देश में कर्फ्यू
साध्वी प्रज्ञा ने कहा बाबरी मस्जिद गिराने पर गर्व, चुनाव आयोग ने नोटिस भेजा
Read More
लोकप्रिय खबरे
किसान आंदोलन : कांग्रेस का शिवराज के अनशन पर निशाना!
दिल्ली के स्कूलों के शिक्षकों को नहीं मिली अब तक सैलरी !
जस्टिस कर्णन की पैरवी के लिए नहीं मिल रहा कोई वकील!
केजरीवाल सरकार का शिशुओं के जीवन से खिलवाड़!
RC Exclusive : सेना पत्थरबाज को जीप के आगे नहीं बांधती तो क्या करती !
रोजगार के मोर्चे पर मोदी सरकार पास या फेल: एक पड़ताल !
ट्रिपल तलाक़ मेरे और मेरे ख़ुदा के बीच का पाप है: शायरा बानो, याचिकाकर्ता
'आप' के बर्ख़ास्त नेता कपिल मिश्रा को मिली जान से मारने की धमकी!
सोशल मीडिया में देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा की खिंचाई !
केंद्र सरकार मुस्लिम शादी और तलाक़ के लिए ला सकती है क़ानून!
Read More
ट्विटर